Holi kab hai 2026

        होली हिंदूओं का सबसे बड़ा पर्व है।‌ वैसे यह हर‌ धर्म को पसंद है रंगों का उत्सव  कहा जाता है। होली वैसे तो सरस्वती पूजा से ही हमारे यहां शुरू हो जाता है लेकिन खाने खिलाने का पर्व फाल्गुन मास में असली होली मनाते हैं। होलिका दहन फाल्गुन मास की पुर्णिमा को होता है और होली उसके अगले दिन,‌ इस बार चंद्र ग्रहण होगा इसलिए होली को लेकर कुछ कंफ्यूजन है लोगों में...

    साल 2026 में साल का पहला चंद्रग्रहण लगने वाला है। जिस कारण होली एक दिन आगे पीछे हो रहा।‌ यह चंद्र ग्रहण भारत समेत पूरी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर और दक्षिण अमेरिका में भी इसका प्रभाव दिखाई देगा। हमारे यहां 9 घंटे का सुतक भी रहेगा जिस कारण बहुत से मंदिर के कपाट बंद भी‌ रहेंगे। 

    Holika Dahan Kab hai 2026... होलिका दहन कब है 2026...

‌‌      फाल्गुन मास की चतुर्दशी 2 मार्च को शाम 5.57 तक रहेगा उसके बाद पुर्णिमा शुरू होगा। 3 मार्च को शाम से पहले ही पुर्णिमा खत्म हो रहा है और 3 मार्च को चंद्रग्रहण भी रहेगा। होलिका दहन हमेशा प्रदोष काल यानी संध्या समय ही किया जाता है। इसलिए होलिका दहन 2 मार्च को ही किया जाएगा।
     Holika Dahan का समय शाम 6.39 से रात 9 बजे तक बहुत शुभ माना जाएगा। इसलिए इस समय होलिका दहन करें।‌ 3 मार्च को कुछ नहीं होगा उस दिन चंद्र ग्रहण का प्रभाव और सुतक रहेगा।‌ गुझिया, मालपुआ, दही बड़े सब अगले दिन बनेंगे। 

       होली कब है 2026 ... Holi kab hai 2026 ... 

     होली 4 मार्च को मनाया जाएगा। 3 मार्च को सुबह से ही सुतक रहेगा जिस कारण उस दिन कोई शुभ कार्य नहीं किया जाएगा। 3 मार्च को पुर्णिमा रहेगा इस दिन स्नान, दान पुण्य करें। 

     होलिका दहन पर क्या करें और क्या न करें....

   होलिका दहन एक विशेष रात्रि होता है जिसमें कुछ विशेष पूजा कर आप पोजेटिव और निगेटिव दोनों फल प्राप्त कर सकते हैं। कुछ लोग दुसरे का बुरा करने के लिए भी पुजा पाठ करते हैं इसलिए इस दिन घर से बाहर निकलने में परहेज करें। अपना होलिका जला घर आ जाएं।‌ 

   * होलिका के आग में काला तिल डालें इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
  * होलिका दहन में भूलकर भी आंवला, आम, अशोक, केला, शमी का पौधा, पीपल आदि का पेड़ बिल्कुल नहीं डालना चाहिए।
  * होलिका दहन पर पीपल के पेड़ के नीचे घी का दिया जला 7 बार परिक्रमा करें।
  * जिन बच्चों को नजर ज्यादा लगती है होलिका दहन के आग में लाल मिर्च, काला उड़द, काला तिल से 7 बार एंटी क्लॉक वाइज घूमा होलिका के आग में फेंक दें।
  * जिन को फोड़ा फुंसी हो तो बेसन हल्दी का उबटन लगा , फिर उबटन को आग में फेंक दें।
  * होलिका दहन में सुखा नारियल 7 बार घूम डाल दें, शुभ होगा।
  * एक पान के पत्ते में घी लगा कर उसमें बताशे डाल होलिका में रख दें। ये सब करते कोई देखें ना अच्छा होगा।
   * अभी सब नया फसल‌ हुआ है उसकी एक एक बाली उसमें डाल दें।‌अन्न‌ धन‌ भरा रहेगा।
   * होलिका दहन की राख को सबके जाने के बाद थोड़ा सा उठा कर ले आएं और उसे अपने घर या जहां काम करते हैं रखें शुभ होगा।
   * कुछ ज्योतिषी का कहना है होलिका का राख शिवलिंग पर चढ़ाएं, नवग्रह की शांति इससे होती है।
    

  * घर में बुरी नजर लगी हो तो होलिका में नमक डालें।
   * घर की निगेटिव एनर्जी खत्म हो इसके लिए मेवा मिठाई डालें होलिका में।
 * हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करें, हनुमान चालीसा 11 बार पढ़ें।


     नोट- ये सब पंचांग और कुछ ज्योतिषी के जानकारी लिखे गए हैं 

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